लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। 10वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस का आयोजन गरिमा, गौरव और कृतज्ञता के भाव के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्यालय मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया के तत्वावधान में सूर्य ऑडिटोरियम में एक मेगा पूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देश के पूर्व सैनिकों की निःस्वार्थ सेवा, बलिदान और उनकी स्थायी विरासत को समर्पित एक सशक्त श्रद्धांजलि के रूप में सामने आया।
रैली में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने पूर्व सैनिकों से आत्मीय संवाद किया और राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय सेंट्रल कमांड तथा एल. वेंकटेश्वरलु, आईएएस, अपर मुख्य सचिव (सामाजिक कल्याण एवं सैनिक कल्याण), उत्तर प्रदेश सरकार की गरिमामयी उपस्थिति ने पूर्व सैनिक कल्याण के क्षेत्र में सशस्त्र बलों और नागरिक प्रशासन के बीच सशक्त समन्वय को दर्शाया।

लखनऊ एवं आसपास के क्षेत्रों से 700 से अधिक पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों ने रैली में सहभागिता की। जिससे सेवारत सैनिकों और उनके विस्तृत पूर्व सैनिक परिवार के बीच गहरे भावनात्मक संबंध और पारस्परिक विश्वास का पुनः पुष्टि हुई। पूर्व सैनिकों का गर्मजोशी और सम्मान के साथ स्वागत किया गया, जो राष्ट्र की ओर से उनके आजीवन समर्पण और सेवा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक था।
कार्यक्रम स्थल पर पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान हेतु एकीकृत रूप से विभिन्न सुविधा एवं कल्याण तंत्र स्थापित किए गए। इनमें शिकायत निवारण काउंटर, भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) सहायता डेस्क, चिकित्सीय परीक्षण सुविधाएं तथा विभिन्न अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शन शामिल था। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। जिसमें पूर्व सैनिकों के पुनर्वास, कल्याण एवं सशक्तिकरण से जुड़ी वर्तमान पहल और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

सम्मान और सराहना के प्रतीक स्वरूप सभी पूर्व सैनिकों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन संवाद, संवेदना और आश्वासन का एक सशक्त मंच भी बना। जिसने भारतीय सेना की अपने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की गरिमा, कल्याण और हितों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया। यह समारोह इस सच्चाई की मार्मिक याद दिलाने वाला रहा कि भले ही सैनिक सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएं, परंतु राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान शाश्वत है और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती है।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal