Sunday , November 1 2026

एक दीया, एक गौ माता का जीवनदान, गोवंश संरक्षण की अनूठी पहल

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। दीपावली पर पर्यावरण संरक्षण के साथ गोवंश संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से घायल गोवंश सेवकों ने इस बार गौ माता के पवित्र गोबर से बने दीयों का व्यापक वितरण करने का संकल्प लिया है। रविवार को राजाजीपुरम स्थित लखनऊ कॉमर्स एकेडमी में घायल गोवंश सेवकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें गौ संरक्षण के लिए जनजागरूकता बढ़ाने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में घायल गोवंश सेवक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस दीपावली पर प्रत्येक व्यक्ति को गोबर से बने दीयों का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने इसका संदेश देते हुए कहा, “एक दिया = एक गौ माता का जीवनदान”। उन्होंने कहा कि गोबर से बने उत्पादों को अपनाने से वृद्ध और अनुपयोगी समझी जाने वाली गायों के संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे उन्हें कत्लखानों में जाने से बचाने में भी मदद मिल सकती है।

बैठक का प्रमुख आकर्षण गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग रही। उपस्थित सभी गौ भक्तों ने एक स्वर में केंद्र और राज्य सरकार से गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में गौ माता का विशेष स्थान है। इसलिए उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

बैठक में नेहा बनर्जी (संस्थापक, फेयरी टेल्स प्रतिष्ठान), संदीप दुबे (संस्थापक, श्रीराम गौशाला), एसपी श्रीवास्तव, शिक्षाविद एवं समाजसेविका श्वेता श्रीवास्तव, सुरेश यज्ञमणि, डॉ. एसके शुक्ला, ललित प्रकाश पाण्डेय, ज्ञान श्रीवास्तव, मोनार्क सिटी के समाजसेवी ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव, ज्ञान चंद, सिटी इंटरनेशनल विद्यालय के आशीष, गणित के शिक्षाविद एवं राष्ट्रीय कवि सौरभ अवस्थी, अवनीश दुबे, सर्वेश, मेंहदी रत्ता, अभियंता प्रतीक दुबे, विक्रम प्रताप, चंद्रेश्वर, ललित किशोर वैश्य, विमल सक्सेना और विनय पाठक सहित बड़ी संख्या में गौ प्रेमी उपस्थित रहे।