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परिजात इंडस्ट्रीज ने किसानों को बताए आलू की फसल में रोग प्रबंधन के उपाय

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। परिजात इंडस्ट्रीज, एक कृषि रसायन कंपनी, ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बरनाहल में दलूपुर रोड पर किसान सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें लगभग 100 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में मैनपुरी भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह शाक्य और परिजात इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय प्रबंधक राव साहब राजा उपस्थित रहे। इस दौरान कंपनी के सहयोगियों ने किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों और आधुनिक खेती की तकनीकों के बारे में जागरूक करने पर ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम से पहले, एग्री जंक्शन सेंटर में आयोजन टीम के प्रभारी अंकित कुमार ने सभी अतिथियों को माला पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।

रबी की फसलों की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर से नवंबर के बीच की जाती है, और फरवरी से मार्च के बीच कटाई होती है। रबी सीजन की शुरुआत और मैनपुरी के आलू उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र होने के मद्देनजर, सम्मेलन में आलू की खेती से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई। इनमें बीज आलू में बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण, कंद सड़न, मृदाजनित रोग और अंकुरण में कमी जैसी समस्याएं शामिल थीं, जो फसल की स्थापना और पैदावार को प्रभावित कर सकती हैं। इस दौरान आलू की फसल में रोग प्रबंधन के लिए होल्ट 250 एससी (Holt 250 SC) फफूंदनाशक की भूमिका पर भी चर्चा हुई। परिजात इंडस्ट्रीज की टीम ने रूट प्लस (Root Plus) और पैरिस्टार (Paristar) सहित अपने उत्पादों और आलू की खेती में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।

आगरा भारत के प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में से एक है। उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में फर्रुखाबाद, मेरठ, अलीगढ़, कानपुर, मुरादाबाद और बरेली शामिल हैं। सम्मेलन के दौरान, परिजात इंडस्ट्रीज के सहयोगियों ने, किसानों को कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और उन्नत कृषि पद्धतियों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच उन्नत खेती की पद्धतियों और बेहतर कृषि प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस आयोजन में परिजात इंडस्ट्रीज, एग्री जंक्शन सेंटर और कृषि विशेषज्ञों की टीम ने भाग लिया। किसानों पर केंद्रित ऐसी पहलों के माध्यम से, परिजात इंडस्ट्रीज किसानों के साथ अपने जुड़ाव को मजबूत करने और नवीन फसल समाधान तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के जरिए भारतीय कृषि को बदलने की दिशा में योगदान देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।