लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में संपन्न 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में उद्योग एवं व्यापार जगत के हित में की गई महत्वपूर्ण सिफारिशों का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक कुमार बजाज ने कहा कि जीएसटी परिषद द्वारा प्रस्तावित सुधार देश की कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल, व्यावहारिक एवं उद्योग-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने विशेष रूप से जीएसटी के अंतर्गत गिरफ्तारी संबंधी प्रावधानों को समाप्त करने और अभियोजन की मौद्रिक सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने की सिफारिशों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ईमानदारी से व्यापार करने वाले उद्यमियों का विश्वास बढ़ेगा तथा अनावश्यक कानूनी भय कम होगा।
बजाज ने कहा, “व्यापारी एवं उद्योगपति देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन तथा राजस्व वृद्धि के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। कर व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना और व्यापार के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी होना चाहिए। जीएसटी परिषद की ये सिफारिशें इसी सकारात्मक सोच को दर्शाती हैं।”
एसोसिएशन ने परिषद की इन प्रमुख सिफारिशों को बताया सराहनीय
1. गिरफ्तारी संबंधी प्रावधान समाप्त करने की सिफारिश: इससे उद्योग एवं व्यापार जगत में विश्वास का वातावरण मजबूत होगा।
2. अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़: छोटे एवं मध्यम उद्योगों को अनावश्यक आपराधिक कार्यवाही के जोखिम से राहत मिलने की संभावना है।
3. सामान्य जुर्माने की अधिकतम सीमा ₹25,000 से घटाकर ₹10,000: अनुपालन संबंधी त्रुटियों पर दंड का बोझ कम होगा।
4. ₹10,000 से कम कर राशि पर कारण बताओ नोटिस न जारी करने का प्रस्ताव: छोटे विवादों एवं अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी आएगी।
5. इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) एवं रिफंड प्रक्रिया में सुधार: पात्र मामलों में स्वचालित रिफंड, अतिरिक्त ITC की वापसी तथा प्रक्रियाओं का सरलीकरण उद्योगों की कार्यशील पूंजी को बेहतर बनाने में सहायक होगा।
6. ई-वे बिल एवं माल परिवहन संबंधी सुधार: विशेष सूचना और सक्षम अधिकारी की अनुमति के आधार पर ही वाहनों की जांच तथा ट्रांजिट राज्यों में अनावश्यक अवरोध रोकने की सिफारिश से माल परिवहन सुगम होगा।
7. जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न एवं अनुपालन में सरलीकरण: ऑनलाइन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, स्वचालन तथा विभागीय हस्तक्षेप में कमी से व्यापार करने की सुगमता बढ़ेगी।
श्री बजाज ने कहा कि रोलर फ्लोर मिलिंग एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में कच्चे माल की खरीद, गेहूं का परिवहन, मशीनरी में निवेश, तैयार उत्पादों की आपूर्ति और कार्यशील पूंजी का अत्यधिक महत्व है। ऐसे में जीएसटी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, समयबद्ध रिफंड तथा अंतरराज्यीय परिवहन में अनावश्यक रुकावटों की समाप्ति इस उद्योग के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में शामिल है तथा यहां बड़ी संख्या में रोलर फ्लोर मिलें संचालित हैं। ये उद्योग किसानों, परिवहन व्यवसाय, श्रमिकों तथा बिस्कुट, ब्रेड, बेकरी एवं अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से सीधे जुड़े हुए हैं। एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति उद्योग-अनुकूल सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया।
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