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UTI मिड कैप फंड: लार्ज और स्मॉल कैप के बीच निवेश का ‘स्वीट स्पॉट’

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। इंसानी जीवन चक्र के उलट, कंपनियां तेजी से आगे बढ़ने और ठहराव के दौर से गुजरती हैं। मिड कैप कंपनियां बिजनेस के उस खास पड़ाव पर होती हैं, जहां वे शुरुआती पूंजी जुटाने और शुरुआती मुश्किलों से सफलतापूर्वक उबर चुकी होती हैं। इसके साथ ही, इन कंपनियों में बाजार में अपनी बढ़त बनाए रखने की क्षमता और मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त होती है। साथ ही, ये इतनी बड़ी भी नहीं होतीं कि उनके तेज विकास की संभावना कम हो जाए। इसलिए, मिड-कैप कंपनियां तेजी से बढ़ती छोटी कंपनियों (स्मॉल कैप) और पहले से स्थापित बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप) के बीच संतुलन बनाने वाला एक सबसे मुफीद मौका (स्वीट स्पॉट) पेश करती हैं।

मिडकैप शेयर लार्ज कैप और स्मॉल कैप के बीच आते हैं, जिन्हें आमतौर पर कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) के आधार पर तय किया जाता है। सेबी  की परिभाषा के मुताबिक, मार्केट कैप के लिहाज से 101वीं से 250वीं रैंक वाली कंपनियां मिड कैप मानी जाती हैं। एक मिडकैप फंड को अपनी कुल निवेश राशि (फंड कॉर्पस) का कम से कम 65% हिस्सा अनिवार्य रूप से मिड कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाना होता है। मिडकैप कंपनियों में निवेश करने वाले फंड्स निवेशकों को मझोली कंपनियों के विकास का हिस्सा बनने का मौका देते हैं।

हालांकि, निवेशकों को इनसे जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। क्योंकि अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड ग्रोथ फंड्स की तुलना में मिडकैप फंड्स में जोखिम और संभावित रिटर्न दोनों अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। यूटीआई मिड कैप फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मुख्य रूप से मिड कैप कंपनियों में निवेश करती है। फंड की रणनीति ऐसे कारोबारों में निवेश पर केंद्रित है, जिनके बिजनेस मॉडल को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है और जिनमें लंबे समय तक विकास की संभावनाएं मौजूद हैं। यह फंड उन अच्छी कंपनियों में भी निवेश कर सकता है, जिनके कारोबार में किसी अस्थायी कमजोरी का दौर चल रहा हो या जो बदलाव के दौर से गुजर रही हों।

फंड कंपनियों का चयन पूरी तरह ‘बॉटम-अप’ यानी कंपनी के स्तर पर गहन अध्ययन के आधार पर करता है। इसमें मजबूत वित्तीय स्थिति वाली और लंबे समय तक अपने मुनाफे के मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता रखने वाली कंपनियों की पहचान की जाती है। फंड का पोर्टफोलियो भी अच्छी तरह विविधीकृत है और इसमें अलग-अलग क्षेत्रों और उद्योगों की करीब 79 कंपनियां शामिल हैं।