मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जैसे जैसे इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5 अपने ग्रैंड फिनाले के करीब पहुँच रहा है, टॉप 5 कंटेस्टेंट्स दीपाली बोरकर, रितेश पाल, प्रथमेश माने, अंशिका धारा और गीतांजलि मरवाहा अपनी अब तक की यात्रा पर विचार साझा करते हैं। वे बताते हैं कि कैसे चुनौतियाँ, अप्रत्याशित मोड़, सीखने के अनुभव और यादगार पल उन्हें परफ़ॉर्मर के रूप में गढ़ते रहे हैं।
दीपाली बोरकर के लिए यह सीज़न एक और भी निडर परफ़ॉर्मर बनने का रहा है। महाराष्ट्र से आने वाली दीपाली बताती हैं, “दीपाली बोरकर के लिए यह सीज़न एक और भी निडर परफ़ॉर्मर बनने का रहा है। महाराष्ट्र से आने वाली वह बताती हैं, ‘मुझे लगता है कि इस फॉर्मेट ने मुझे एक परफ़ॉर्मर के तौर पर और भी निडर बना दिया है। महाराष्ट्र से आने के कारण मेरी अपनी समझ और अप्रोच रही है, लेकिन इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5 में आप कभी नहीं जान सकते कि आगे क्या होने वाला है। हर परफ़ॉर्मेंस अपनी एक चुनौती लेकर आता है और कई बार आपको बैटल में उतरकर खुद को फिर से साबित करना पड़ता है। आप कुछ और तैयार करते हैं और अचानक स्थिति बदल जाती है, तब आपको खुद पर भरोसा करके एडजस्ट करना पड़ता है।’ वह आगे कहती हैं कि माधुरी दीक्षित के साथ स्टेज शेयर करना उनकी जर्नी का सबसे खास और भावनात्मक पल रहा। ‘उन्हें इतने करीब से देखना मुझे यह एहसास दिलाता है कि डांस में ग्रेस, एक्सप्रेशन और स्टोरीटेलिंग कितनी अहमियत रखते हैं।”
रितेश पाल, जो रायपुर, छत्तीसगढ़ से आते हैं, इंडियाज़ बेस्ट डांसर को एक बिल्कुल नया अनुभव बताते हैं क्योंकि यह उनका पहला डांस रियलिटी शो है। अनप्रेडिक्टेबल फॉर्मेट पर विचार करते हुए वह साझा करते हैं, “यह मेरे लिए एक बिल्कुल नया अनुभव रहा है क्योंकि यह मेरा पहला डांस रियलिटी शो है, इसलिए रास्ते में बहुत कुछ समझना पड़ा। यह फॉर्मेट आपको हमेशा अलर्ट रखता है क्योंकि आप कभी नहीं जानते कि अगला चैलेंज क्या होगा।” वह आगे जोड़ते हैं, “इस जर्नी ने मुझे सिखाया कि परफ़ॉर्मर होना मतलब है जल्दी एडजस्ट करना, प्रेशर में शांत रहना और कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने की हिम्मत रखना।”
प्रथमेश माने के लिए यह जर्नी फिर से एक स्टूडेंट बनने की रही है। सतारा, महाराष्ट्र से आने वाले और पहले से डांसर व टीचर के तौर पर अनुभव रखने वाले प्रथमेश कहते हैं, “प्रथमेश कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि यह मेरी सबसे बड़ी सीखों में से एक रही है। सतारा से आने और एक डांसर व टीचर के तौर पर अपनी जर्नी होने के कारण मैंने डांस की एक अलग समझ विकसित की थी, लेकिन इंडियाज़ बेस्ट डांसर ने मुझे उस समझ से आगे देखने के लिए प्रेरित किया।’ वह आगे जोड़ते हैं, ‘मैं नहीं चाहता कि लोग मुझे सिर्फ एक स्टाइल के लिए जानें। मैं लगातार एक्सपेरिमेंट करना चाहता हूँ, अलगअलग चुनौतियाँ लेना चाहता हूँ और फिर भी हर परफ़ॉर्मेंस में अपनी पहचान बनाए रखना चाहता हूँ।’ फिनाले की दौड़ में प्रवेश करते हुए प्रथमेश कहते हैं, ‘मैं स्टूडेंट वाला माइंडसेट बनाए रखना चाहता हूँ सीखते रहना, ओपन रहना और हर परफ़ॉर्मेंस में अपना बेस्ट देना।”
अंशिका धारा याद करती हैं कि उन्होंने शो में एंट्री ली थी जब बॉलीवुड उनके कम्फर्ट ज़ोन से बाहर था। सबसे कम उम्र की कंटेस्टेंट होने के नाते वह कहती हैं कि इस अनुभव ने उन्हें अपनी इंडिविजुअलिटी अपनाना सिखाया। अपनी जर्नी पर विचार करते हुए वह साझा करती हैं, “अंशिका कहती हैं, ‘मैंने सीखा है कि किसी खास स्टाइल में फिट होने के लिए मुझे किसी और जैसा बनने की ज़रूरत नहीं है। मैं बॉलीवुड की भाषा सीख सकती हूँ, लेकिन उसमें अपनी पर्सनैलिटी भी ला सकती हूँ।’ ‘ओइमा ओइमा’ जैसे चैलेंजिंग एक्ट्स से लेकर ‘चुनरी चुनरी’ के दौरान हालात उम्मीद के मुताबिक़ न होने पर एडजस्ट करने तक, वह मानती हैं कि इस जर्नी ने उन्हें और आत्मविश्वासी बनाया है और सिखाया है कि शांत रहकर लगातार परफ़ॉर्म करना कितना ज़रूरी है।
गीतांजलि मरवाहा, जिन्होंने अपनी जर्नी की शुरुआत ‘परफ़ॉर्मर ऑफ द वीक’ जीतकर की थी, कहती हैं कि शुरुआती पहचान ने उन्हें आत्मविश्वास दिया लेकिन साथ ही यह भी सिखाया कि उम्मीदों से जुड़ना नहीं चाहिए। वह साझा करती हैं, “इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीज़न 5 की जर्नी की शुरुआत में ही ‘परफ़ॉर्मर ऑफ द वीक’ जीतना मेरे लिए बहुत खास पल था क्योंकि इसने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया, लेकिन साथ ही मुझे पता था कि यह सिर्फ शुरुआत है।” जालंधर, पंजाब से आने वाली गीतांजलि ने इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल अपनी वर्सटिलिटी दिखाने के लिए किया है क्लासिकल, कथक, कंटेम्पररी और हिपहॉप जैसे अलगअलग स्टाइल्स में परफ़ॉर्म करते हुए उन्होंने अलगअलग क्रिएटिव पार्टनरशिप्स के साथ एडजस्ट करना सीखा।
बैटल्स का सामना करने से लेकर अप्रत्याशित चुनौतियों तक, नए स्टाइल्स पर एक्सपेरिमेंट करने और अपने कोरियोग्राफर्स व जजों से सीखने तक, टॉप 5 कंटेस्टेंट्स ने इंडियाज़ बेस्ट डांसर की जर्नी को अलगअलग तरह से अनुभव किया है। प्रतियोगिता के आख़िरी पड़ाव में प्रवेश करते हुए वे खुद को और आगे बढ़ाने, नए चैलेंज अपनाने और अपनी इंडिविजुअलिटी स्टेज पर दिखाने के लिए तैयार हैं।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal